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वॉलमार्ट और मॉल जैसी कंपनियों को निष्क्रिय करवाने में सहयोग दें

 

हमारे देश में व्याप्त भ्रष्टाचार, बेईमानी, मिलावटखोरी, जमाखोरी की वजह से आज देशवासियों का एक दूसरे पर से भरोसा खत्म हो चुका है और इसका फायदा उठा कर FDI, Wallmart जैसी कंपनियों के साथ हमारे देश में आ रही है, एक जमाना था जब छोटे-छोटे राज्य हुआ करते थे उस वक्त अंग्रेजों ने व्यापारियों का वेश धारण कर देश में प्रवेश किया और हमारे देश की रियासतों के जमींदारों को चमक-दमक के साथ कई उपहार सौगात के रूप में दिये और अपने देश द्वारा उत्पादित सामान हमारे ही देश में बेचने का कार्य शुरु कर दिया| नई चमक-दमक से सुसज्जित सामानों की चमक में आम नागरिक खो गया और अंग्रेजों का व्यापार पुरे देश में फैलता चला गया| अंततः पूरे देश पर अंग्रेजों ने कब्जा कर लिया|

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टिप्पणी
tej kumar 15/09/2013
हमारी सरकार को सभी कम्पनीयो को भारत से भगा देना चाहिये . नही तो वो होगा जो ६२ साल पहले हुआ था .
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tej kumar 15/09/2013
हमारी सरकार को सभी कम्पनीयो को भारत से भगा देना चाहिये . नही तो वो होगा जो ६२ साल पहले हुआ था .
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ved bhardwaj 19/11/2013
बिल्कुल सहि कहअ हम भगा तो नहि सक्ते लकिन हम इन्क बहिस्कार जरुर सक्तए है ओर करैन्गे
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Dr.Ashok Kumar Tiwari 16/04/2014
गुजरात हाई कोर्ट में वकील विजय देशाई ने गलत वायदा करके मुझसे ३० हजार रुपये ले लिए कि आपको केस जिता देंगे फिर लगभग दो सालों तक समय बर्बाद करवाने के बाद केस कैंसिल हो गया और ऑर्डर मिला - - - मुझे स्कूल डिसिपिलनरी कमेटी को लिखना चाहिए जबकि कमेटी, सेक्रेटरी और प्रेसीडेंट को अनेकों पत्र लिखे गए थे जिनकी कॉपियां फ़ाइल में लगी थीं --- क्या इस स्थिति में केस हो सकता है तथा किस पर . ?
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Dr.Ashok Kumar Tiwari 16/04/2014
गुजरात हाई कोर्ट में वकील विजय देशाई ने गलत वायदा करके मुझसे ३० हजार रुपये ले लिए कि आपको केस जिता देंगे फिर लगभग दो सालों तक समय बर्बाद करवाने के बाद केस कैंसिल हो गया और ऑर्डर मिला - - - मुझे स्कूल डिसिपिलनरी कमेटी को लिखना चाहिए जबकि कमेटी, सेक्रेटरी और प्रेसीडेंट को अनेकों पत्र लिखे गए थे जिनकी कॉपियां फ़ाइल में लगी थीं --- क्या इस स्थिति में केस हो सकता है तथा किस पर . ? रिलायंस कंपनी के खिलाफ ये केस है इसलिए .......
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